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सुरक्षा विभाग

सुरक्षा विभाग
बीसीसीएल के सुरक्षा विभाग में आपका स्वागत है।
हमारे लिए सुरक्षा सर्वोपरि है।
सुरक्षा ही हमारा उद्देश्यै है और
कंपनी तथा कर्मचारियों के लिए सुरक्षा का वातावरण तैयार करत हैं
शुन्य दुर्घटना प्राप्तु करना हमारा द्येय है।
हम सही और सकारात्मघक दृष्टि् तथा सुरक्षा की दूरदर्शिता के
जरिए शुन्यस दुर्घटना के लक्ष्य‍ को प्राप्ती करने का प्रयास ईमानदारी से करते हैं।

सुरक्षा विभाग का संगठन एवं कार्य
1. बीसीसीएल सुरक्षा संगठन
2. महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा व बचाव)का विवरण
3. अधिकारियों का विवरण
4. कंपनी स्तंर की सुरक्षा समिति के निरीक्षण की तिथियां
5. त्रिपक्षीय सुरक्षा बैठकों की तिथियां
6. सितंबर,2010 तक प्राणघातक एवं गंभीर दुर्घटनाओं का विवरण
7. कंपनी स्तयर पर द्विपक्षीय सुरक्षा बैठक
8. रूफ बोल्डिंसग मशीन की स्थिसति
9. 31-08-2010 तक वैधानिक श्रमशक्तिघ की स्थिमति
10. पिछले 6 वर्षों में पूंजीगत एवं राजस्व् के लिए सुरक्षा पर खर्च का बजट
11. 2008-09 एवं 2009-10 के दौरान खनिकों की सुरक्षा के लिए खरीदे गए कीमती सुरक्षा उपकरण
12. 2010-11 के दौरान खनिकों की सुरक्षा के लिए खरीदे गए कीमती सुरक्षा उपकरण
13. 20-09-2010 से 25-09-2010तक हैदराबाद एवं मुंबई स्थिवत इंजिनियरिंग स्टाणफ कॅालेज में सुरक्षा बोर्ड के सदस्योंस के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यसवस्थाा की गई ।
14. सुरक्षा अधिकारियों के ई मेल आईडी
बीसीसीएल की सुरक्षा नीति
1. खनन कार्य के खतरों को दूर करने अथवा इसमें पर्याप्तं कमी लाने के लिए परिचालनों एवं पद्धतियों की योजना तथा रूपरेखा तैयार की जाएगी।
2. सुरक्षा के विशिष्टं मानकों को हासिल करने के लिए अनवरत प्रयास किये जाते हैं और साविधिक नियमों-विनियमों का कार्यान्व यन किया जाता है।
3. प्रौधौगिकी में समुचित बदलाव के जरिए कार्यदशाओं में सुधार करना है।
4. सुरक्षा योजनाओं का अबाध एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यहक सामग्री एवं मुद्रा जैसे संसाधनों की व्यरवस्थाश करनी है।
5. दुर्घटना की रेाकथाम कार्य के लिए पूर्णरूप से सुरक्षा कार्मिक प्रतिनियुक्तन करना है।
6. सुरक्षा मामलों में संयुक्तक परामर्श के लिए कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ यथोचित मंच पर बैठक का आयोजन करना है।
7. प्रत्येपक वर्ष के प्रारंभ में इकाईवार तथा कंपनी के लिए सुरक्षा हेतु वार्षिक योजना तैयार करना है जिसमें संबंधित भू-खनन की आवश्यवकताओं के अनुसार परिचालनों में सुरक्षा में सुधार,मानसून शुरू होने के पहले इकाईयों को तैयार करने, समिति तथा सुरक्षा सम्मे लनों द्वारा खान सुरक्षा मामले में लिए गये निर्णयों का क्रियान्व यन,रूफ फॉल,हॉलेज, बारूद,मशीनरी आदि वाले संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए दुर्घटना विश्लेरषण के अध्य यन से ज्ञात दुर्घटना प्रवणता से राहत के लिए उपाय करने जैसे विषय शामिल हो।
8. क्षेत्रों के महाप्रबंधकों,इकाइयों के एजेंटों,प्रबंधकों तथा अन्यष सुरक्षा कर्मियों के माध्यकम से सुरक्षा नीति एवं योजनाओं के कार्यान्वएयन हेतु कार्य निष्पा्दन की रूपरेखा तैयार करना है।
9. कंपनी मुख्यारलय में आंतरिक सुरक्षा संगठन(ISO)तथा क्षेत्रीय स्तार पर क्षेत्रीय स्त र पर क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारियों के माध्य म से सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वतयन की बहुस्तिरीय अनुवीक्षण (मानिटरिंग)करना है।
10. प्रबंधन के सभी स्तनर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा के बारे में कर्मियोंमें जागरूकता लाने का कार्य करते रहेंगे तथा दुर्घटना रोकने के लिए सुरक्षा हेतु इसे अपने कार्यों में अभ्यादस करने हेतु उनमें सहभागिता विकसित करेंगे।
11. सुरक्षा आधारित कौशल विकास विषय पर बल देते हुए सभी कर्मचारियों को अनवरत शिक्षण,प्रशिक्षण तथा पुर्नप्रशिक्षण देना है।
12. खदान के अंदर और खदान के बाहर सभी कर्मचारियों की जीवनदशा तथा स्वानस्य्े को बेहतर बनाने के प्रयास जारी रखना है।
13. यह सुनिश्चिरत करना है कि संस्थाा का प्रत्येखक व्याक्तिं को सुरक्षित कार्य पद्यति के बारे में जानकारी हो और वह दिन-प्रतिदिन के कार्य में इसका पालन करे।
14. कर्मचारियों के कौशल का विकास करना है क्योंककि एक कुशल श्रमिक ही सुरक्षित श्रमिक हो सकता है।
15. बाजार में उपलब्धौ व्यकक्ति्गत बचाव उपकरयों का नियमित मुल्यांतकन करना है और उसे अपने कर्मचारियों को देकर उनके समुचित उपयोग के बारे में उसे प्रशिक्षित करना है।
16. सभी श्रमिक को आइएमई (प्रवेश पूर्व) तथा पीएई सुनिश्चिनत करना है।
17. कार्य के वातावरण/परिवेश सुधारना है तथा वायु और जल प्रदुषण को कम करना है।

बीसीसीएल की खदानों में सुधार लाने के लिए उठाये गए/उठाए जा रहे कदम: छत (रूफ) और दीवार (साइड) के गिरने से हाने वाली दुर्घटनाओं को नियंत्रित करना-
• कुछ को छोड़कर बाकी सभी भूमिगत खदानों में रूफ बोल्टिं ग सपोर्ट प्रणाली को मानकीकृत किया गया है एवं इसे शुरू किया गया है।
• पर्याप्ता संस्था में रूफ बोल्टा और वियरिंग प्ले्टों की खरीद तथा आपूर्ति के लिए कार्रवाई की जाती है।
• कॉलम को पूरी तरह से भरने के लिए पतले मसाले हेतु आवश्य क सीमेंट कैप्सूूल पर्याप्तल मात्रा में खरीदने एवं आपूर्ति करने के लिए कार्रवाई की गई है।
• रूफ बोल्टई के ऐंकॅरिज स्ट्रेेग्ंंथ के अनुवीक्षण के लिए प्रयोग की जाने वाली हल्केल वजन की ऐंकॅरिज टेस्टिं ग मशीनों की पर्याप्तक संख्याग में खरीद एवं आपूर्ति के लिए कार्रवाई की गई है।
• खदानों में रूफ बोल्टिंलग के लिए 66 न्यूरमेटिक ड्रिलिंग मशीन तथा 40 सोमना ड्रिल अभी प्रयोग में है। डस्ट। सप्रेशन सिस्टकम एवं हाइड्रोसिक पावर पैक सहित 25 यूडी मशीन तथा 25 हाइड्रोसिक फेस ड्रिलिंग तथा रूफ बोल्टिं ग मशीन खरीदने की कर्रवाई की है।
• खदान में काम करने वाले लोगों को देखने के लिए “रूफ बोल्टिंहग का सुरक्षित प्रयोग ” पर विडीयो केसेट/सीडी तैयार किए गए हैं जिसकी आपूर्ति प्रत्ये क खदान में की गई है।
• रूफ बोल्टिं्ग कार्य के बारे में हिंदी और अंग्रेजी में अनेक फ्लेक्स तैयार किये गए हैं जिसे कार्यसंस्कृमति में सुधार लाने के ख्या्ल से सभी खदानों के बीच बांटा गया है।
• विभिन्नक खदानों में सस्तकर प्रबंधन विषय में वैज्ञानिक अन्वे षण तथा अध्यवयनके लिए एनआइआरएम,सीआइएमएफआर एवं आइएसएमयू जैसे वैज्ञानिक संस्था नों की सेवाएं ली जा रही है।
• टालिवानों के साथ-साथ कामगारों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के प्रयास किये जाते हैं ताकि वे टब की सवारी करके आने-जाने से स्वपयं को दूर रख सकें।
• हॉलेज से होने वाली दुर्घटनाओं को काम करने के लिए सुरक्षा विषय पर संगोष्ठीे का आयोजन किया गया है।
• खदान के अंदर जाने के ट्रेवलिंग रोड प्रवेश द्वार के समीप ही बनाये जा रहे हैं तथा ट्रेवलिंग रोड से आने-जाने के लिए श्रमिकों को अभिप्रेरित करने हेतु यथा संभव इसे कम दूरी के बनाये जा रहे हैं।

खुली खदानों(ओसीएम)में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण
• खुली खदानों(ओसीएम) में चारों ओर प्रकाश व्य वस्थाक सुधारने पर बल दिया गया है।
• ओसीपी में छोटी वाहनों एवं पैदल चलने वालों के लिए अलग-अलग सड़क बनाई गई है। सड़क की व्यंवस्थाल की जा रही है।
• सभी डम्प र ऑपरेटरों,शॉवेल ऑपरेटरों,ड्रिल ऑपरेटरों,छोटे वाहन चालकों,डोजर ऑपरेटरों तथा ब्लासस्टिंरग कर्मी दल को एसओसी (सुरक्षित परिचालन प्रक्रिया)उपलब्धस करायी गई है।
• खुली खदानों में सभी प्रमुख स्था्नों पर सुरक्षा नारे तथा यातायात नियम प्रदर्शित किये गये हैं।
• सभी एचईएमएम में तथा अतिसंवेदनशील/असुरक्षित स्थाानों पर अग्निभशामक की व्यतवस्थास की गई है।
• खुली खदानों में केवल दादित(Muffled)ब्लाथस्टिंएग करने की अनुमति दी जाती है। डीजीएमएस के अनुमोदन के अनुसार ही ब्लाuस्टिंाग की जाती है।
• प्रत्ये क खदान में पाली शुरू होने के समय सभी श्रमिकों को प्रतिदिन सुरक्षा की शपथ दिलाई जा रही है।
• प्रतिदिन पिटटॉप पर पाली शुरू होने के पहले खान अधिकारियों एवं सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाती है।
• पर्यवेक्षक सहित सभी श्रमिकों को प्रशिक्षण एवं पुनर्प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
• कंपनी के उच्चि प्रबंधन प्रतिनिधि तथा कंपनी स्तरर के श्रमसंघ प्रतिनिधि को शामिल करके गठित द्विपक्षीय निरीक्षण दल द्वारा कार्यक्रम के अनुसार सभी खदानों का निरीक्षण किया जाता है।
• खदानों में सामान्यी खतरों को जानने के लिए नियमित अंतराल पर खनन विशेषज्ञों द्वारा बीसीसीएल की सभी खदानों की सेफ्टीऑडिट कराई जाती है।
• जिन खदानों में जलप्लाीवन,गैस,आग आदि खतरे की संभावना रहती है,वैसी खदानों में ऐसी किसी दुर्घटना के दौरान श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए सामान्यं ट्रेनिंग के अलावे बचाव-मार्ग बनाये गये हैं ताकि यदि कोई ऐसी घटना हो तो श्रमिक बाहर निकल सकें।
• वर्ष 2004 में पुटकी,फुलारीटांड और मधुबन ये तीन खदानोंमें एनआइआरएम(NIRM)के जरिए ग्राउंड पेनिट्रेशन रोडार की आधुनिकतम तकनीकी का प्रयोग बेरियर की मुटाई का पता लगाने के लिए वैसी जगह पर किया गया जहां दूसरी तरफ की स्थिगति की जानकारी नहीं हो।
• बैक शिफ्ट में पर्यवेक्षण में सुधार करने के लिए कंपनी मुख्या लय के वरिष्ठक अधिकारी समय-समय पर खदानों का निरीक्षण करते हैं।
• प्रत्ये्क वर्ष मानसून शुरू होने के पहले एक मॉक अभ्या स किया जाता है।

सुरक्षा विभाग की भूमिका
1. बदलती परिस्थिकतियों के अनुकूल गतिविधियॉं/प्रक्रिया बढ़ाना तथा निरंतर उसकी समीक्षा,सुधार एवं अद्यतन करना।
2. यह सुनिश्चिथत करना कि संगठन में हर कोई सुरक्षा कार्य विधि के प्रति जागरूक है तथा दैनंदिनी कार्य में उसका अनुसरण करता है।
3. कुशल श्रमिक के रूप में कर्मचारी अपनी दक्षता को विकसित कर एक सुरक्षित श्रमिक बन सकता है।
4. बाजार में उपलब्धत कर्मचारी सुरक्षा उपकरण का मूल्यां कन करना तथा हमारे कर्मचारियों के बीच इसकी आपूर्ति करना एवं इनके समुचित उपयोग हेतु प्रशिक्षित करना।
5. खदानों में होनेवाले स्वनभाविक खतरों को जानने के उद्देश्ये से प्रत्येिक खदान में सुरक्षा अंकेक्षण का कार्य संचालन करना तथा इसके लिए प्रतिकारी उपायों का परामर्श देना।
6. दुर्घटनाओं की जांच करना, दुर्घटना के कारणों की पहचान करना (शिनाख्त्) , भविष्यर में इसकी रोकथाम के लिए परामर्श देना तथा परामर्शों पर अनुसरण करना

7. यथासंभव दुर्घटना दरों में कमी को बिल्कु्ल न्यूकनतम करने के लिए तथा शून्य दुर्घटना के लिए अंतिम लक्ष्यल प्राप्तू करने हेतु निर्देशन करना

८. खदानों एवं विभागों में कार्यरत कर्मचारियों में स्वाूस्य्नत एवं थकान के निवारण के लिए निम्नालिखित सुरक्षा, उपाय विकसित किए जाएं :-
1- प्रवेश के पूर्व तथा समय-समय पर चिकित्साय परीक्षण
2- खदान के धूल का मूल्यांयकन एवं धूल नियंत्रण हेतु तकनीकी का सर्वेक्षण
3- खदानों एवं कालोनियों में फिल्टधर एवं स्वा स्य्कर कर पेय जल की आपूर्ति
4- खदानों में, जहां लंबी या=k एक कठिन समस्याक है मैनराइडिंग सुविधा का प्रावधान
5- खदानों के वातावरण में वायु एवं जल प्रदूषण को कम करना
6- सामान्यक वातावरण में वायु एवं जल प्रदूषण को कम करने।

निगमित सुरक्षा विभाग की गतिविधियां

१ निगम स्तुर पर समुचित सुरक्षा नीति का आरेखण
२ सुरक्षा नीति की प्रभावी मानीटरिंग हेतु उपयुक्तू यांत्रिकी को विकसित करना
३ सुरक्षा नीति की निरंतर समीक्षा एवं उसका आधुनिकीकरण
४ सुरक्षा स्थि त के निर्धारण हेतु खदानों के नियमित निरीक्षण पद्धति को शुरू करना
५ खदान में होने वाले हादसों एवं खतरनाक दुर्घटनाओं की स्वमतंत्र जांच का संचालन करना
६ प्रबंधन खान सुरक्षा निदेशालय एवं यूनियनों के साथ वर्ष में दो बार त्रिपक्षीय सुरक्षा समीक्षात्माक बैठक के आयोजन की व्येवस्थाच करना
७ वित्ती य वर्ष में कंपनी स्त र पर द्विपक्षीय सुरक्षा समिति के सदस्यों् द्वारा सभी खदानों की जांच का प्रबंधन।
८ कंपनी स्तोर पर सुरक्षा सप्तांह, प्राथमिक उपचार तथा रेस्यूना (बचाव) प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।
९ राष्ट्री य स्तयर पर स्था यी समिति की बैठक, राष्ट्री य धूल निवारण समिति, विशेषज्ञ समिति की बैठकों में भाग लेना।
१० अध्य क्ष-सह-प्रबंध निदेशक एवं निदेशालय द्वारा विधिवत अनुमोदन के बाद मंत्रालय एवं अन्य सरकारी निकायों को रिपोर्ट अग्रेसित करना।
११ निम्नललिखित से संबंधित अनुपालन सूचनाओं की तैयारी एवं अनुवर्ती कार्रवाई की मानिटरिंग की जा रही है-
1. सुरक्षा सम्मेमलन की अनुशंसा
2. सुरक्षा पर कोयला खदानोंमें स्थाशयी समिति की अनुशंसा
3. कंपनी स्तरर पर त्रिपक्षीय सुरक्षा समीक्षा की बैठक
* समस्त खदानों एवं विभागों में डीजीएमएस के परिपत्रों का विवरण
* विभिन्न् सुरक्षा गतिविधियों की विडिओ-कैसेट्स/सीडी तैयार करना
* खदानों के जोखिम प्रबंधन योजनाओं (रिस्क मैनेजमेंट प्लाणन्स) के प्रतिपादन में सहयोग करना एवं योजनाओं के क्रियान्वदयन हेतु अनुसरण करना
* खदानों के सुरक्षा अंकेक्षण के दौरान उजागर किए गए त्रुटियों की अनुवर्ती कार्रवाई
* खदानों को सुरक्षा सामग्री की आपूर्ति एवं प्रापण हेतु अनुसरण
* सुरक्षा से संबंधित मामलों में डीजीएमएस अधिकारियों से समन्वकय स्थामपित करना
* खदानों के नये क्षेत्र, नयी मशीनरी इत्यांदि की समुचित जांच एवं निरीक्षण के बाद सुरक्षा समाशेधन प्रमाण-पत्र जारी करना

क्षेत्रीय सुरक्षा विभाग की गतिविधियॉं
1. खदानों का निरीक्षण एवं मुख्यं महाप्रबंधक/महाप्रबंधक को इससे अवगत कराना तथा प्रबंधक को प्रतिविधिक कार्रवाई करने के लिए सलाह देना।
2. सभी सांधातिक/गंभीर घटना एवं अन्या खतरनाक दुर्घटनाओं की जांच-पड़ताल।
3. डीजीएमएस द्वारा सभी अव्यरवस्थियत बिंदुओं की पहचान कर इसके निवारण के लिए संबंधित खदानों से समन्वाय स्थारपित करना।
4. खदानों में सुरक्षा संबंधी सामग्री की आवश्यथकताओं का निर्धारण एवं उसके प्रापण हेतु समन्वकय स्था्पित करना।
5. क्षेत्रीय सुरक्षा अंकेक्षण टीम के साथ खदानों का औचक निरीक्षण करना तथा यदि कोई त्रुटि,कमी पाई गई तो उसके कारणों का ठीक-ठीक पता लगाना।
6. यहां तक कि इसे और अधिक उद्देश्य पूर्ण बनाने के लिए सुरक्षा समिति के कार्य का पर्यवेक्षण करना।
7. क्षेत्र में खदान सुरक्षा संबंधी विषयों पर कोलियरी सुरक्षा संगठन तथा आइएसओ मुख्यामलय के बीच संपर्क बनाना।
8. जहां तक संभव हो, खदानों में जांच के दौरान डीजीएमएस का साथ देना।
9. प्रत्ये क खदान में सुरक्षा अंकेक्षण का कार्य एवं कर्मियों में सुधार लाने हेतु अनुवर्ती कार्रवाई करना।
10. यह सुनिश्चिरत करना कि काम करने वाले लोग प्रशिक्षितहैं तथा काम पर पुन: प्रशिक्षित किया गया।
11. पर्यवेक्षकों को उनके कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण क्ला स का संचालन करना।
12. खनिकों के कालोनियों में कव्वाेली तथा सुरक्षा एवं स्वाास्य्ने विषयों पर खेल-कूद जैसे सांस्कृ तिक कार्यक्रमों का आयोजन करना।
13. सुरक्षा को मन में बैठाने के लिए श्रमिकों के बीच सुरक्षा पैम्फसलेट (पुस्तिकका) का वितरण करना।
14. खदानों में एक बोल्टिंाग/आलंबन संबंधी गतिविधियों की देखरेख (मानीटरिंग)।
15. लंबी एवं कठिन रास्तें की समस्याआ वाले वर्तमान खदानों में मैन राइडिंग सिस्टंम के प्रावधान हेतु अनुवर्ती कार्रवाई।
16. खदानों में ध्वपनि, प्रकाश (रोशनी), धूल सर्वेक्षण के संचालन हेतु कार्रवाई।
17. पर्यावरणीय देखरेख (मानिटरिंग)।
18. खदानों में सुरक्षा संबंधी क्वीगज प्रतियोगिता का आयोजन करना।
19. दुर्घटना प्रवृत खदानों में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष बल देना।

पिछले पांच वर्ष 2002 से 2006 तक के दौरान ”शून्यष सांघातिक एवं जोखिम वाले दुर्घटना” प्राप्त् खदानों की सूची